आपका साथ यूँ ही मीलता रहे।
अगला जन्म भी पाऊँ तुम्हारे लीए।।
साथ मेरे यूँ ही चलते रहना ।
तरु छाया में यूँ ही इंतजार करना ।।
चांदनी रात में यूँ ही अश्रु बहाना।
मैं वापस आऊंगा श्वेत अश्व में बैठ कर ।।
तुम यूँ ही तैयार रहना ।
तुम से जन्म जन्मों का इकरार है ।।
हर जन्म में यूँ ही मीलते रहना ।
कभी दूर जाने की जुरत करूं तो तुम उस रास्ते में यूँ ही तैयार रहना ।।
लाख कोशीश करूं तुम से दूर जाने की तुम सावित्री बन कर यूँ ही तैयार रहना ।
यूँ तो चाहने भर से कुछ नहीं होता साथ तुम मेरा यूँ ही देते रहना ।।
अगला जन्म मीले न मीले लेकीन तुम यूँ ही तैयार रहना ।
ख्वाब में सही तुम यूँ ही दीदार करते रहना ।।
मैं तुम्हे चाँद के बहाने देखूं तुम यूँ ही चांदनी बन देखना ।
मैं तुम्हें फल के बहाने देखूं तो तुम यूँ ही रसधार बन कर बहना ।।
मैं तुम्हे प्रकृती बन कर नीहारु तुम यूँ ही अंगड़ाई लेते रहना ।
मेरे ख्वाब का आलम तो देखो तुम यूँ ही मुस्कराते रहना ।।
तुम नहीं मीलती तो मुझे अवसाद घेर लेता है तुम यूँ ही अवसाद से उभार लेना ।
बहे बयार हवा की समझ लेना मैं आ रहा हूँ तुम यूँ ही झुरमुटों में इंतजार करना ।।
अगला जन्म भी पाऊँ तुम्हारे लीए।।
साथ मेरे यूँ ही चलते रहना ।
तरु छाया में यूँ ही इंतजार करना ।।
चांदनी रात में यूँ ही अश्रु बहाना।
मैं वापस आऊंगा श्वेत अश्व में बैठ कर ।।
तुम यूँ ही तैयार रहना ।
तुम से जन्म जन्मों का इकरार है ।।
हर जन्म में यूँ ही मीलते रहना ।
कभी दूर जाने की जुरत करूं तो तुम उस रास्ते में यूँ ही तैयार रहना ।।
लाख कोशीश करूं तुम से दूर जाने की तुम सावित्री बन कर यूँ ही तैयार रहना ।
यूँ तो चाहने भर से कुछ नहीं होता साथ तुम मेरा यूँ ही देते रहना ।।
अगला जन्म मीले न मीले लेकीन तुम यूँ ही तैयार रहना ।
ख्वाब में सही तुम यूँ ही दीदार करते रहना ।।
मैं तुम्हे चाँद के बहाने देखूं तुम यूँ ही चांदनी बन देखना ।
मैं तुम्हें फल के बहाने देखूं तो तुम यूँ ही रसधार बन कर बहना ।।
मैं तुम्हे प्रकृती बन कर नीहारु तुम यूँ ही अंगड़ाई लेते रहना ।
मेरे ख्वाब का आलम तो देखो तुम यूँ ही मुस्कराते रहना ।।
तुम नहीं मीलती तो मुझे अवसाद घेर लेता है तुम यूँ ही अवसाद से उभार लेना ।
बहे बयार हवा की समझ लेना मैं आ रहा हूँ तुम यूँ ही झुरमुटों में इंतजार करना ।।

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